प्राकृतिक गैस और पाइपलाइन

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  • पिछले अध्याय में बताया गया है कि प्राकृतिक गैस पेट्रोलियम से स्वतंत्र नहीं होती हैं |धरातल के नीचे जहां पेट्रोलियम पदार्थ अपने प्राकृतिक अवस्था में पाये जाते हैं, वहीं इन पेट्रोलियम पदार्थों के ठीक ऊपर प्राकृतिक गैस भी तैरती हुई अवस्था में पायी जाती है |
  • प्राय: लोग ऐसा मान लेते हैं किएल०पी०जी० (Liquified Petrolium Gas– LPG) गैस अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की तरहजमीन से सीधे निकाली जाती है किन्तु ऐसा नहीं होता है| तेल शोधनशालाओं में जहाँ पेट्रोलियम पदार्थों का शोधन होता है, उन स्थानों से गैसें निकलती रहती हैं |इन गैसों को बड़े-बड़े टैंकरों में भर दिया जाता है | इसके पश्चात इन गैसों को बहुत अधिक दबाव डालकर (Compressed) इन्हें तरल पदार्थ के रूप में परिवर्तित कर दिया जाता है | परिवर्तन के पश्चात् ही इसे एल०पी०जी० (Liquified Petrolium Gas) कहते हैं|
  • एल० पी०जी० (Liquified Petrolium Gas-LPG) तेल शोधनशालाओं (Oil Refinery) से उप-उत्पाद के रूप में प्राप्त किया जाता है|
  • प्राकृतिक गैस (Natural Gas) में मुख्य ज्वलनशील गैस मिथेन होती है |
Note –       पशुओं के जुगाली करने, धान के खेत, दलदली भूमि, दीमक की बोंबी, गोबर गैस,कोयले की खानों तथा बड़े-बड़े बांधों से भीमिथेन गैस निकलती है | प्रायः मिथेन गैस ऐसे स्थानों से निकलती है, जहाँ पेड़-पौधे सड़ते-गलते रहते हैं |
  • प्राकृतिक गैस (Natural Gas) का मुख्य तत्व मिथेन होता है जबकि एल०पी०जी०(Liquified Petrolium Gas) का मुख्य तत्व ब्यूटेन होता है |
  • इसकेअलावा एल०पी०जी०(Liquified Petrolium Gas) में प्रोपेन नामक एक अन्य तत्व भी पाया जाता है |
  • घरेलू प्रयोग में लायी जाने वाली एल०पी०जी०सिलेंडर में गैस का वजन 2 Kg होता है |
  • प्राकृतिक गैस की खोज एवं उत्पादन Oil And Netural Gas Corporation-ONGC और Oil Indian Limited- OIL के द्वारा ही किया जाता है |
  • ध्यान रहे- पेट्रोलियम पदार्थों की भी खोज और उत्पादन इन्हीं कम्पनियों के द्वारा किया जाता है किन्तु पेट्रोलियम का शोधन आई०ओ०सी०(Indian Oil Corporation) द्वारा किया जाता है |
  • GAIL की स्थापना 1984 ई० में हुई थी |भारत में प्राकृतिक गैस की खोज एवं उत्पादन(Oil And Netural Gas Corporation-ONGC)और Oil India Limited-OILके द्वारा किया जाता है |किन्तु प्राकृतिक गैस का शोधन और वितरण गैस ऑथोरिटी ऑफ़ इंडियालिमिटेड(GAIL) के द्वारा किया जाता है |
प्राकृतिक गैस और पाइपलाइन
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  • भारत में प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा भण्डार मुम्बई हाई (अरब सागर क्षेत्र)में संचित है | भारत में प्राकृतिक गैस का सर्वाधिकउत्पादनभी मुम्बई हाईसे ही होता है | चूँकि प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम पदार्थ दोनों साथ-साथ पाये जाते हैं इसलिए आमतौर पर माना जाता है कि जहाँ पेट्रोलियम पदार्थों का सर्वाधिक भण्डारण है, वहीं प्राकृतिक गैसों का भी सर्वाधिक भण्डारण सम्भव है |
  • भारत में प्राकृतिक गैस का सर्वाधिक खपत विद्युत निर्माण में किया जाता है | इसके बाद सबसे ज्यादा उपयोग उर्वरक संयत्रों (Furtilizers Plant)में किया जाता है |
  • उत्तर प्रदेश राज्य में प्राकृतिक गैस आधारित दो ऊर्जा संयंत्र (Power Plants) हैं –
(i)     ददरी (गौतमबुद्ध नगर) (ii)    औरैया
  • देश में प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा भण्डार (अनुमानित) कृष्णा-गोदावरी बेसिन के D-6 ब्लॉक में है |
  • बंगाल की खाड़ी में कृष्णा-गोदावरी नदी के तट को (यनम-काकीनाड़ा तट) कहते हैं |
  • ध्रुवीय क्षेत्रों में समुद्र के नीचे 2 किमी०की गहराई में जाने पर बर्फ में मिथेन गैस दबी हुई रहती है |इस गैस को क्लैथरेट कहा जाता है | इसे गैस हाइड्रेट भी कहते हैं|इसके दोहन के लिए चेन्नई में गैस हाइड्रेट सेंटर की स्थापना की जा रही है |
  • भारतीय पेट्रोलियम संस्थान-देहरादून, उत्तराखण्ड राज्य में स्थित है |
  • राजीव गांधी पेट्रोलियम तकनीकि संस्थान –शिवसागर,असम में स्थित है |
  • जिन स्थानों से पेट्रोलियम पदार्थों का उत्सर्जन किया जाता है, वहां से इन पेट्रोलियम पदार्थों को शोधनशालाओं तक पहुंचाने के लिए दो माध्यमों का प्रयोग किया जाता है-
(i)       बड़े-बड़े टैंक में भरकर (ii)      पाइपलाइन के माध्यम से
  • उपरोक्त दोनों माध्यमों में से पहले माध्यम से अर्थात् यदि पेट्रोलियम पदार्थों को शोधनशालाओं तक पहुंचाने के लिए टैंक का उपयोग किया जाये तो यह एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए अधिक खर्चीला और अधिक समय ले सकता है | इसके उपाय के तौर पर हम दूसरे माध्यम को अपनाते हैं अर्थात्पेट्रोलियम पदार्थों को शोधनशालाओं तक पहुंचाने के लिए पाईपलाइन का उपयोगकिया जाता है| तेल पाइपलाइनों के माध्यम से पेट्रोलियम पदार्थों काकम खर्चे तथा कम समय में परिवहन किया जा सकता है |
  • वर्तमान समय में केवल 40% पेट्रोलियम पदार्थों का परिवहन पाइपलाइनों के माध्यम से किया जाता है तथा अन्य60% पेट्रोलियम पदार्थों का परिवहन अन्य दूसरे माध्यमों से किया जाता है |
  • देश की पहली पाइपलाइनका निर्माण नहरकटिया (असम) से होकर नूनामाटी के रास्ते बरौनी (बिहार)तक किया गया था |
  • देश की गैस पाइपलाइन हाजिरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ)देश की सबसे लम्बी गैस पाइपलाइन है | यह पश्चिम तटीय तेल क्षेत्र सेप्राकृतिक गैस का परिवहन उत्तर प्रदेश तक करती है |
 

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Ãàdîl April 22, 2020, 1:06 am

Sir iske aagye ka pdf