लखनऊ और नोएडा में पुलिस आयुक्तई व्य वस्थार हुआ लागू | 18 January 2020

लखनऊ और नोएडा में पुलिस आयुक्‍त व्‍यवस्‍था हुआ लागू Download

त्‍तरप्रदेश मंत्रिमंडल ने लखनऊ और नोएडा में पुलिस आयुक्‍त व्‍यवस्‍था शुरू करने का फैसला किया है। यह व्‍यवस्‍था 13 जनवरी से लागू हो गई है। इस व्‍यवस्‍था को लागू करने का उद्देश्य लखनऊ और नोएडा को स्‍मार्ट और सुरक्षित शहर के रूप में विकसित करना है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इस फैसले से राज्‍य में कानून-व्‍यवस्‍था की स्‍थिति के बेहतर होने की बात कही है।

यह व्‍यवस्‍था लागू होने से जिला मजिस्‍ट्रेट को केवल राजस्‍व संबंधी काम देखने होंगे और कानून-व्‍यवस्‍था से जुड़े सभी फैसले पुलिस आयुक्‍त लेंगे। लखनऊ की तरह नोएडा में भी अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) स्‍तर का एक अधिकारी पुलिस आयुक्‍त होगा और उनके सहयोग के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रैंक के दो अपर पुलिस आयुक्‍त रहेंगे।

महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोनों शहरों में पुलिस अधीक्षक स्तर की महिला पुलिस अधिकारी की भी तैनाती की जाएगी।

प्रयागराज जोन के अपर पुलिस महानिदेशक सुजीत पांडे को लखनऊ का पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह को नोएडा (गौतम बुध नगर) का पहला पुलिस कमिश्नर बनाया गया है।

ISRO GSAT-30 : इसरो का संचार उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च, जलवायु परिवर्तन की भविष्यवाणी में निभाएगा अहम भूमिका

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का संचार उपग्रह जीसैट-30 (GSAT -30) सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया। इससे इंटरनेट की दुनिया में क्रांति आने की उम्‍मीद जताई जा रही है। 5जी नेटवर्क भी अब दूर नहीं है। वहीं, जलवायु परिवर्तन की भविष्यवाणी में यह अहम भूमिका निभाएगा। इसरो का GSAT-30 यूरोपियन हैवी रॉकेट एरियन-5 ईसीए 17 जनवरी तड़के 2।35 मिनट पर दक्षिण अमेरिका के उत्तरपूर्वी तट पर कौरो के एरियर प्रक्षेपण तट से छोड़ा गया। यह इसरो का इस साल अर्थात 2020 का पहला मिशन है।

जीसैट-30 संचार उपग्रह इनसैट-4ए की जगह लेगा, जिसे साल 2005 में लॉन्च किया गया था। यह भारत की टेलिकम्युनिकेशन सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

GSAT -30 इसरो द्वारा डिजाइन किया हुआ और बनाया गया एक दूरसंचार उपग्रह है। यह इनसैट सैटेलाइट की जगह काम करेगा। इससे राज्य-संचालित और निजी सेवा प्रदाताओं को संचार लिंक प्रदान करने की क्षमता में बढ़ोतरी होगी।

इसका का वजन करीब 3100 किलोग्राम है। यह लॉन्चिंग के बाद 15 सालों तक काम करता रहेगा। इसे जियो-इलिप्टिकल ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा। इसमें दो सोलर पैनल होंगे और बैटरी होगी जिससे इसे ऊर्जा मिलेगी। यह 107 वां एरियन 5 वां मिशन है। कंपनी के 40 साल पूरे हो गए हैं।

वर्तमान में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पास आदित्य-एल1 उपग्रह सहित 25 उपग्रह लॉन्च करने की योजना है। आदित्य एल-1 मिशन को मध्य 2020 तक लॉन्च करने की योजना है।

यह मिशन पृथ्वी पर जलवायु परिवर्तन को समझने तथा भविष्यवाणी करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसरो ने पिछले साल छह लॉन्च वाहन और सात उपग्रह मिशन लॉन्च किए थे।

GSAT-30 की ये हैं खूबियां

GSAT-30 लॉन्च होने से देश की संचार व्यवस्था और मजबूत हो जाएगी। इसकी सहायता से देश में नई इंटरनेट टेक्नोलॉजी लाई जाने की उम्मीद है। इस उपग्रह की सहायता से देश की संचार प्रणाली, टेलीविजन प्रसारण, सैटेलाइट के जरिए समाचार प्रबंधन, समाज हेतु काम आने वाली भूआकाशीय सुविधाओं, मौसम संबंधी जानकारी और भविष्यवाणी, आपदाओं की पूर्व सूचना और खोजबीन तथा रेस्क्यू ऑपरेशन में भी काफी इजाफा होगा।

इंटरनेट की दुनिया में क्रांति लाएगा GSAT-30

देश के पुराना संचार उपग्रह ‘इनसैट सैटेलाइट’ की उम्र अब पूरी हो रही है। देश में इंटरनेट की नई-नई टेक्नोलॉजी आ रही है। ऑप्टिकल फाइबर बिछाए जा रहे हैं। 5G तकनीक पर काम चल रहा है। इस वजह से ज्यादा ताकतवर सैटेलाइट की जरूरत थी। जीसैट-30 सैटेलाइट इन्हीं आवश्यकताओं को पूरा करेगा।

इस साल दस सेटलाइटें लॉन्च करेगा ISRO

वहीं, इसरो के चेयरमैन के सिवन के मुताबिक साल 2020 में ISRO लगभग 10 सैटेलाइट्स लॉन्च करने की योजना पर काम कर रहा है। आदित्य एल1 मिशन को 2020 के मध्य में लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन पर काफी तेजी से काम किया जा रहा है। यह मिशन पृथ्वी पर जलवायु परिवर्तन को समझने और भविष्यवाणी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

रायसीना डायलॉग के पांचवे संस्करण दिल्ली में हुआ सम्पन्न

रायसीना डायलॉग के पांचवे संस्करण का आयोजन 14 से 16 जनवरी तक दिल्ली में किया गया। इसकी मेजबानी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया था। इस सम्‍मेलन का विषय ‘नेविगेटिंग द अल्‍फा सेंच्‍युरी’ था। इसका आयोजन विदेश मंत्रालय और ऑबजर्वर रिसर्च फाउंडेशन ने संयुक्‍त रूप से किया था। सम्‍मेलन सौ से अधिक देशों के करीब सात सौ अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्‍मेलन के उद्घाटन सत्र में भाग लिया था। न्‍यूजीलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री हेलन क्‍लार्क, अफगानिस्‍तान के पूर्व राष्‍ट्रपति हामिद करजई, कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्‍टीफन हार्पर, स्‍वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री कार्ल बिल्‍ट, डेनमार्क के पूर्व प्रधानमंत्री आंद्र फोग रासमुसेन, भूटान के पूर्व प्रधानमंत्री त्‍शेरिंग टोबगे और दक्षिण कोरिया के पूर्व प्रधानमंत्री हान स्‍युंग-सू भी उद्घाटन सत्र में शामिल हुए थे।

इस सम्‍मेलन में रूस, ईरान, आस्‍ट्रेलिया, मालदीव, दक्षिण अफ्रीका, डेनमार्क, उज्‍बेकिस्‍तान और यूरोपीय संघ समेत कुल 12 देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया था। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन इस बैठक में आने वाले थे, लेकिन उन्होंने देश के जंगलों में आग की वजह से फैसला बदल लिया। अमरीका और ईरान के बीच चल रहे गतिरोध के बीच ईरान के विदेशमंत्री जावेद जरीफ का संवाद में हिस्‍सा लेना अत्‍यन्‍त महत्‍वपूर्ण था।

रायसीना डायलॉग 2020:

भारत-चीन संबंघों की चर्चा करते हुए विदेशमंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत और चीन को अच्‍छे पड़ोसियों की तरह महत्‍वपूर्ण मुद्दों को सुलझाना चाहिए।

अमरीका और ईरान के बीच के तनाव का उल्लेख करते हुए विदेशमंत्री ने कहा कि ये दोनों ही सम्प्रभुत्ता सम्पन्न देश हैं और इन्हें ही आपस में निपटना है।

उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के विरूद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है। एस जयशंकर ने कहा कि भारत पेरिस जलवायु समझौते का पालन करता है और भारत के रूख से विश्व के देश सहमत है।

रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया।

प्रमुख रक्षा अध्‍यक्ष (CDS) जनरल बिपिन रावत ने आतंकवाद को प्रायोजित करने वालों के विरूद्ध कड़ी वैश्विक कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ ने कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव दूर करने में भारत महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

भारतीय मूल के ईश्वर शर्मा ग्लोबल चाइल्ड प्रॉडिजी अवार्ड-2020से  हुवे सम्मानित

भारतीय मूल के दस वर्षीय ब्रिटिश छात्र ईश्वर शर्मा को योग के क्षेत्र में योगदान के लिए ‘ग्लोबल चाइल्ड प्रॉडिजी अवार्ड-2020’ से सम्मानित किया गया है। उन्हें ‘अंडर-11 योग चैंपियन’ को योग के क्षेत्र में योगदान के लिए ब्रिटेन से चुना गया था।

इस पुरस्कार के तहत 45 देशों और 30 विभिन्न श्रेणियों के लिए आवेदकों को चुना जाता है। शर्मा को हाल में नयी दिल्ली में नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरन बेदी की मौजूदगी में आयोजित विशेष कार्यक्रम में पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

रोहित शर्मा को वनडे क्रिकेटर ऑफ द इयरऔर विराट कोहली को स्पिरिट ऑफ क्रिकेटअवॉर्ड: ICC 2019 अवार्ड

ICC ने वर्ष 2019 के लिए पुरस्कारों की घोषणा 15 जनवरी को की। ये पुरस्कार इस प्रकार हैं:

ICC सर्वश्रेष्ठ वनडे क्रिकेटर

रोहित शर्मा को वर्ष 2019 का ‘सर्वश्रेष्ठ वनडे क्रिकेटर’ चुना गया। उन्हें यह पुरस्कार पूरे साल शानदार प्रदर्शन करने के लिए दिया गया। रोहित शर्मा ने 2019 में दस शतक लगाए जिसमें से पांच शतक विश्‍व कप में लगाए गए थे।

ICC स्पिरिट ऑफ क्रिकेट

भारतीय कप्तान विराट कोहली को 2019 का ICC स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवार्ड दिया गया। कोहली को वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान खेल भावना दिखाने के लिए सम्मानित किया गया।

ICC सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस को वर्ष 2019 का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर चुना गया। कमिंस इस साल में 59 विकेट लिए थे।

ICC के अन्य पुरस्कार विजेताओं की सूची

क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर: बेन स्टोक्स (इंग्लैंड)

इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर: मार्नस लाबुशेन (ऑस्ट्रेलिया)

टी-20 परफॉर्मर ऑफ़ द ईयर: युजवेंद्र चहल

अंपायर ऑफ़ द ईयर: रिचर्ड ईलिंगवर्थ

2019 मेंस टेस्ट टीम ऑफ द ईयरः

मयंक अग्रवाल, टॉम लाथम, मार्नस लाबूशेन, विराट कोहली (कप्तान), स्टीव स्मिथ, बेन स्टोक्स, बीजे वॉटलिंग, पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, नील वैगनर, नाथन लायन।

2019 मेंस ODI टीम ऑफ़ द ईयर:

रोहित शर्मा, शाई होप, विराट कोहली (कप्तान), बाबर आज़म, केन विलियमसन, बेन स्टोक्स, जोस बटलर, मिचेल स्टार्क, ट्रेंट बोल्ट, मोहम्मद शमी, कुलदीप यादव।

One thought on "लखनऊ और नोएडा में पुलिस आयुक्तई व्य वस्थार हुआ लागू | 18 January 2020"

  • Shivvendra singh kushwaha

    nice

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