IOC ने एमसी मेरीकोम को मुक्केबाजों का प्रतिनिधित्व करने के लिए दूत समूह में शामिल किया | 2 November 2019

IOC ने एमसी मेरीकोम को मुक्केबाजों का प्रतिनिधित्व करने के लिए दूत समूह में शामिल किया Download

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने एमसी मेरीकोम को मुक्केबाजों का प्रतिनिधित्व करने के लिए 10 सदस्यीय खिलाड़ी दूत समूह में शामिल किया है। मेरीकोम को तोक्यो ओलंपिक 2020 खेलों से पहले मुक्केबाजों का प्रतिनिधित्व करने के लिए 10 सदस्यीय खिलाड़ी दूत समूह में शामिल किया है। मेरीकोम इस समूह में एशियाई मुक्केबाजों का प्रतिनिधित्व करेंगी।

भारत की 36 साल की मेरीकोम हाल में विश्व चैंपियनशिप के इतिहास की सबसे सफल मुक्केबाज बनी थी जब उन्होंने रूस में इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के पिछले सत्र में कांस्य पदक के रूप में आठवां पदक जीता था। मेरीकोम 51 किग्रा वर्ग में ओलंपिक कांस्य पदक जीतने के अलावा पांच बार की एशियाई चैंपियन हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीते।

IOC ने AIBA से ओलंपिक स्पर्धा के आयोजन का अधिकार लिया

IOC ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (AIBA) से ओलंपिक स्पर्धा के आयोजन का अधिकार छीन लिया था और पूरी क्वालीफाइंग प्रक्रिया को अपने हाथ में ले लिया।IOC का कहना है कि प्रशासनिक अखंडता और वित्त प्रबंधन के मामले में AIBA सभी चीजों को सही करने में नाकाम रहा है।

खिलाड़ी दूत समूह इस प्रकार है:

IOC के अनुसार प्रत्येक क्षेत्र से एक महिला और एक पुरुष दूत मुक्केबाजी समुदाय से निजी और डिजिटल रूप से जुड़ने की भूमिका निभाएंगे।

पुरुष: लुकमो लावल (अफ्रीका), जूलियो सेजार ला क्रूज (अमेरिका), जियांगयुआन असियाहु (एशिया), वासिल लामाचेनको (यूरोप), डेविड निका (ओसियाना)।

महिला: खदीजा मार्दी (अफ्रीका), मिकाइला मायर (अमेरिका), एमसी मेरीकोम (एशिया), सारा ओरोमोने (यूरोप) और शेली वाट्स (ओसियाना)।

हैदराबाद IIIT टीम ने पहली बार ‘इंडियन ब्रेन एटलस’ तैयार किया

हैदराबाद IIIT के शोध टीम ने पहली बार ‘इंडियन ब्रेन एटलस’ तैयार किया हिया। इस शोध में पता चला है कि भारतीयों के दिमाग का आकार पश्चिमी और पूर्वी देशों के लोगों की तुलना में छोटा होता है। भारतीयों का मस्तिष्क लंबाई, चौड़ाई और घनत्व तीनों ही लिहाज से अपेक्षाकृत छोटा होता है।

यह शोध अल्जाइमर और ब्रेन से जुड़ी अन्य बीमारियों को ध्यान में रखकर किया गया। यह शोध न्यूरोलॉजी इंडिया नामक मेडिकल जरनल में प्रकाशित हुआ है।

अर्जेंटीना के राफेल ग्रॉसी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख निर्वाचित हुए

र्जेंटीना के राफेल ग्रॉसी संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख के रूप में 29 अक्टूबर को निर्वाचित हुए। ग्रॉसी ने रोमानिया के राजनयिक कॉर्नेल फेरूटा को पराजित किया।IAEA की पूर्व प्रमुख जापान की यूकिया अमानो की जुलाई में मौत के बाद यह चुनाव कराना पड़ा। राफेल IAEA के 6ठे प्रमुख हैं।

IAEA में अर्जेंटीना के राजदूत ग्रॉसी का निर्वाचन ऐसे महत्वपूर्ण समय में हुआ है जब ईरान 2015 के ऐतहासिक समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को धीरे-धीरे कम कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते से अपने देश को अलग कर लिया था।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था है। इका मुख्यालय ऑस्ट्रिया के वियना में है। विश्व के 171 सदस्य राष्ट्र हैं।

Write a Reply or Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

View All News