जेपी नड्डा भाजपा के 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने | 21 January 2020

जेपी नड्डा भाजपा के 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने Download

जेपी नड्डा 20 जनवरी 2020 को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। जेपी नड्डा भाजपा के 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया के तहत सुबह पार्टी मुख्यालय में इस पद हेतु नामांकन दाखिल किया था। दूसरा कोई पर्चा दाखिल नहीं होने पर जेपी नड्डा को आम सहमति से अध्यक्ष चुन लिया गया। जेपी नड्डा, अमित शाह की जगह लेंगे।

अमित शाह के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद जेपी नड्डा को 19 जून 2019 को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जेपी नड्डा के समर्थन में 21 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष नामांकन पत्र चुनाव अधिकारी राधा मोहन सिंह के सामने पेश किया। चुनाव प्रभारी राधामोहन सिंह की टीम ने मतदाता सूची तैयार की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भरोसेमंद जेपी नड्डा चुनाव प्रबंधन की रणनीति में माहिर माने जाते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय से हुई। संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया के प्रभारी वरिष्ठ बीजेपी नेता राधामोहन सिंह ने पार्टी मुख्यालय में इसकी घोषणा की। जेपी नड्डा इस पद पर तीन साल तक रहेंगे।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा राज्यसभा के सदस्य हैं। जेपी नड्डा का जन्म 02 दिसंबर 1960 को पटना, बिहार में हुआ था।

जेपी नड्डा की प्रारंभिक शिक्षा और बीए की पढ़ाई पटना से हुई। उन्होंने एलएलबी की डिग्री हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से हासिल की।

जेपी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सीट में भी छात्र संघ का चुनाव लड़ा था और उसमें उन्हें जीत हासिल हुई। वे पहली बार साल 1993 में हिमाचल प्रदेश से विधायक चुने गए थे।

अमित शाह ने साल 2019 में पार्टी के लिए हर सीट पर 50 फीसदी वोट हासिल करने का लक्ष्य रखा था। जेपी नड्डा ने यूपी में पार्टी को 49.6 प्रतिशत वोट दिलाने का करिश्मा कर दिखाया।

जेपी नड्डा साल 1994 से साल 1998 तक विधानसभा में पार्टी के नेता भी रह चुके हैं। जेपी नड्डा को मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था।

बीजेपी ने साल 2012 में जेपी नड्डा को राज्यसभा सांसद बनाया था। वे साल 2007 में प्रेम कुमार धूमल की सरकार में वन-पर्यावरण, विज्ञान एवं टेक्नालॉजी विभाग के मंत्री बनाये गये थे।

ब्रह्मोस मिसाइल से लैस सुखोई-30 MKI का पहला स्‍क्‍वार्डन भारतीय वायुसेना बेड़े में शामिल

ब्रह्मोस मिसाइल ले जाने में सक्षम सुखोई-30 एम के आई के पहले स्‍क्‍वार्डन को 20 जनवरी 2020 को तमिलनाडु के तंजावुर बेस में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया।

सुखोई-30 एमकेआई विमान वाला भारतीय वायुसेना का स्क्वार्डन संख्या 222 को टाइगरशार्क भी कहा जाता है। पुनर्गठित 222-स्‍क्‍वार्डन हिन्‍द महासागर में वायु और समुद्री मारक क्षमता में महत्‍वपूर्ण योगदान कर सकता है।

एक भव्‍य समारोह में प्रधान रक्षा अध्‍यक्ष जनरल बिपिन रावत और वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार भदौरिया की मौजूदगी में इस स्‍क्‍वार्डन को भारतीय वायु सेना का हिस्‍सा बनाया गया।

भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ जनरल बिपिन रावत के अनुसार दक्षिण प्रायद्वीप में स्थित तंजावुर की सामरिक स्थिति, टाइगरशार्क को हिन्‍द महासागर, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में नौसेना की गतिविधियों के साथ ही थल सेना को भी ताकतवर आधार प्रदान करेगी।

सुखोई-30 एम के आई, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के साथ और भी मारक समुद्री ताकत बन जाता है। उन्‍होंने कहा कि इससे हमारी नौसेना को बहुत ताकत मिलेगी।

परीक्षा पे चर्चा 2020: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश भर के छात्रों के साथ किया संवाद

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 20 जनवरी 2020 को नई दिल्‍ली स्थित तालकटोरा स्‍टे‍डियम में ‘परीक्षा पे चर्चा 2020’ के दौरान विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।

यह कार्यक्रम शुरू होने पर प्रधानमंत्री ने सबसे पहले सभी विद्यार्थियों के लिए मंगलमय नव वर्ष और नए दशक की कामना की। इस दशक के विशेष महत्‍व के बारे में विस्‍तार से बताते हुए उन्‍होंने कहा कि वर्तमान दशक की उम्‍मीदें एवं आकांक्षाएं उन बच्‍चों पर निर्भर हैं जो देशभर के स्‍कूलों में अपने अंतिम वर्ष की शिक्षा पा रहे हैं।

50 दिव्‍यांग विद्यार्थियों ने भी इस पारस्‍परिक संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। 90 मिनट से भी अधिक अवधि तक चले इस संवाद कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ऐसे अनेक विषयों पर प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया जो उनकी दृष्टि से अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण थे। इस वर्ष भी देशभर के विद्यार्थियों के साथ-साथ विदेश में रहने वाले भारतीय विद्यार्थियों ने भी इस आयोजन में भाग लिया।

इस दौरान उन्होंने छात्रों  के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किये। इस संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को परीक्षाओं के दौरान तनावमुक्त रहने के लिए टिप्स भी दिए। प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को पढ़ाई के अलावा अन्य खेल-कूद इत्यादि गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए भी प्रेरित किया।

राष्‍ट्रीय वनस्‍पति अनुसंधान संस्‍थान, लखनऊ के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किया गया: गुलदाउदी की देर से खिलने वाली किस्म ‘शेखर’

र्दियों के मौसम में घने कोहरे और ठंड के कारण अधिकतर पौधे मुरझाने लगते हैं। भारतीय वैज्ञानिकों ने अब गुलदाउदी की ऐसी किस्म विकसित की है, जो सर्दियों के अंत तक खिली रहेगी। शेखर नामक यह गुलदाउदी की देर से खिलने वाली किस्म है, जिसके फूल दिसंबर के अंत से फरवरी के बीच खिलते हैं। गुलदाउदी की इस नई किस्म को वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ शेखर सी. मांडे द्वारा हाल में लखनऊ में जारी किया गया है।

गुलदाउदी की इस प्रजाति के फूल गुलाबी रंग के होते हैं और इसका आकार मुकुट की तरह होता है।इसके फूलों की पंखुड़ियां मुड़ी होती हैं, जिसके कारण यह सामान्य गुलदाउदी फूलों से अलग दिखाई देता है। गुलदाउदी की इस नई किस्म के पौधों की ऊंचाई करीब 60 सेंटीमीटर और व्यास लगभग 9.5 सेंटीमीटर तक होता है। इसे  राष्‍ट्रीय वनस्‍पति अनुसंधान संस्‍थान (एनबीआरआई), लखनऊ के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किया गया है।

गुलदाउदी की देर से खिलने वाली अन्य प्रमुख किस्मों में सीएसआईआर-75, आशाकिरण, पूजा, वसंतिका, माघी व्हाइट, गौरी और गुलाल शामिल हैं, जिन पर दिसंबर से फरवरी के मध्य फूल खिलते हैं। जबकि, कुंदन, जयंती, हिमांशु और पुखराज गुलदाउदी की सामान्य सीजन की किस्में हैं, जिन पर आमतौर पर नवंबर से दिसंबर के बीच फूल आते हैं। इसी तरह, गुलदाउदी की अगैती किस्मों में विजय, विजय किरण और एनबीआरआई-कौल शामिल हैं, जिन पर प्रायः अक्तूबर के महीने में फूल खिलते हैं।

मार्च 2020 में तेलंगाना के बेगमपेट हवाई अड्डे पर  आयोजन होगा: ‘विंग्स इंडिया 2020′

विंग्स इंडिया 2020 , नागरिक उड्डयन क्षेत्र पर एक अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन, हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर 12-15 मार्च, 2020 तक आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का विषय ” सभी के लिए उड़ान” है। द्विवार्षिक कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के माननीय प्रधान मंत्री, नरेंद्र मोदी नागरिक उड्डयन मंत्री और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री की उपस्थिति में करेंगे।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MCA), फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) इस आयोजन के आयोजक हैं

यह आयोजन उड्डयन के लिए एक मार्ग प्रदान करेगा और एक साझा मंच पर खरीदारों, विक्रेताओं, निवेशकों और अन्य हितधारकों को जोड़ने के उद्देश्य को प्राप्त करने में पुनर्गठित केंद्रित मंचों का महत्वपूर्ण योगदान होगा।

नागरिक उड्डयन क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए “विंग्स इंडिया पुरस्कार” के प्रथम संस्करण की घोषणा कार्यक्रम के दौरान की जाएगी। यह पुरस्कार विमानन-संबंधित कंपनियों / संस्थानों / संगठनों को दिया जाएगा।

Write a Reply or Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

View All News