झारखंड में विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा की गयी | 3 November 2019

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झारखंड में विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा 1 नवम्बर को की गयी। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने इसकी औपचारिक घोषणा की।

चुनाव आयोग की घोषणा के अनुसार राज्य में 81 विधानसभा सीटों पर पांच चरणों में मतदान होंगे। पहले चरण का मतदान 30 नवम्‍बर को जबकि पांचवें और अंतिम चरण का मतदान 20 दिसम्बर को होगा। मतगणना 23 दिसम्‍बर को होगी।

चुनाव की घोषणा के साथ झारखंड में चुनाव आचार सहिंता लागू हो गई है। झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2020 को पूरा हो रहा है और उससे पहले नई सरकार का गठन किया जाना है। राज्य में कुल 2 करोड़ 26 लाख 58 हज़ार 948 मतदाता है।

1 नवंबर: मध्य प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, केरल, हरियाणा और छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस

प्रत्येक वर्ष 1 नवंबर को मध्य प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, केरल, हरियाणा और छत्तीसगढ़ अपना स्थापना दिवस मनाते हैं। इन सभी राज्यों का गठन 1 नवंबर को ही हुआ था।

मध्य प्रदेश का गठन 1 नवंबर, 1956 को हुआ था। इसके गठन से पहले यह मध्य भारत में आता था। इस वर्ष 2019 में मध्य प्रदेश का 64वां स्थापना दिवस है। मध्य भारत प्रांत की उस समय दो राजधानियां थीं। ग्वालियर शीतकालीन राजधानी और इंदौर को ग्रीष्मकालीन राजधानी थी। मध्‍यप्रदेश के अस्तित्‍व में आने के साथ ही भोपाल को राजधानी बना दिया गया। डॉ। पटटाभि सीतारामैया मध्यप्रदेश के पहले राज्यपाल बने जबकि पंडित रविशंकर शुक्ल को पहला मुख्यमंत्री बनाया गया।

1 नवंबर 2000 को ही मध्य प्रदेश के कुछ भागों को अलग कर छत्तीसगढ़ नाम का एक नया राज्य अस्तित्व में आया था। इस वर्ष 2019 में छत्तीसगढ़ का 20वां स्थापना दिवस है। लगभग 44 प्रतिशत वन क्षेत्र और करीब 32 प्रतिशत जनजातीय जनसंख्‍या वाला यह राज्‍य खनिज संसाधनों के मामलों में काफी समृद्ध है।

कर्नाटक का गठन 1 नवंबर, 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अधीन किया गया था। पहले यह मैसूर राज्य कहलाता था। 1973 में पुनर्नामकरण कर इसका नाम कर्नाटक कर दिया गया था।

 

कर्नाटक, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा पंजाब, केरल और हरियाणा का भी गठन 1 नवंबर को है हुआ था। इस कारण ये राज्य भी अपना स्थापना दिवस 1 नवम्बर को मनाते हैं।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश बनाने के बाद भारत का नया मानचित्र जारी किया गया

केंद्र सरकार ने नये केंद्रशासित प्रदेश – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख बनाने के बाद भारत का नया राजनीतिक मानचित्र 3 नवम्बर को जारी किया। भारत के इस मानचित्र में इन दोनों केंद्रशासित प्रदेशों को भी दिखाया गया है। जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद नए मानचित्र में 28 राज्य और 9 केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं।

नए मानचित्र में केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में करगिल और लेह जिले शामिल हैं और पहले के जम्मू-कश्मीर राज्य के शेष जिले नवगठित केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में बने रहेंगे। इस मानचित्र में पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (POK) केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है, जबकि गिलगित-बाल्टिस्तान लद्दाख क्षेत्र में है।

नए मानचित्र में POK के मुजफ्फराबाद और मीरपुर को भी जम्मू-कश्मीर का हिस्सा दिखाया गया है। भारत हमेशा से इन दोनों जिलों को अपना हिस्सा बताता रहा है।

लद्दाख का लेह जिला क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा जिला होगा। इसके अलावा कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामूला, पूंछ, बडगाम, शोपियां, कुलगाम, किश्तवाड़, उधमपुर, डोडा, सांबा, जम्मू, कठुआ, रामबन, राजौरी, अनंतनाग, पुलवामा, श्रीनगर, रियासी और गांदरबल जिले जम्मू-कश्मीर का हिस्सा होंगे।

जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल की भारत यात्रा: दोनों देशों के बीच 17 समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए गए

र्मन चांसलर सुश्री एंगेला मर्केल ने 1 से 3 नवम्बर तक भारत की यात्रा की। सुश्री मर्केल के साथ संघीय सरकार के कई मंत्री और सचिव तथा एक उच्‍चस्‍तरीय व्‍यापार शिष्‍टमंडल भी थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने 1 नवम्बर को नई दिल्ली में 5वीं द्विवार्षिक अंतर सरकारी परामर्श बैठक की संयुक्‍त रूप से अध्यक्षता किये। इस बैठक में दोनों देशों के बीच नई प्रौद्योगिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि, तटीय प्रबंधन और शिक्षा के क्षेत्रों में 17 समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए गए।

दोनों नेताओं द्विपक्षीय बैठक में आर्थिक भागीदारी, व्‍यापार, निवेश और कृषि सहित कई द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की। इस दौरान विज्ञान, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, दोनों देशों के लोगों में आपसी संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित द्विपक्षीय मुद्दों के सभी पहलुओं पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग प्रगाढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

द्विपक्षीय बैठक के बाद संयुक्त वक्‍तव्‍य में कहा गया है कि दोनों पक्ष, रक्षा उद्योग के प्रमाणन में सहयोग बढ़ाने के लिए सहमत हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रक्षा उत्‍पाद के क्षेत्र में उत्‍तर प्रदेश और तमिलनाडु में डिफेंस कॉरिडोर में अवसरों का लाभ उठाने के लिय जर्मनी को आमंत्रित किया। एंगेला मर्केल ने भारत को अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति के लिए बधाई दी।

 

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