‘बीटिंग द  2020’ साथ गणतंत्र दिवस समारोह का समापन | 30 January 2020

‘बीटिंग द  2020’ साथ गणतंत्र दिवस समारोह का समापन Download

र वर्ष गणतंत्र दिवस के बाद 29 जनवरी की शाम को ‘बीटिंग द रिट्रीट’ (Beating The Retreat) सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। रायसीना रोड पर राष्ट्रपति भवन के सामने इसका प्रदर्शन किया जाता है। चार दिनों तक चलने वाले गणतंत्र दिवस समारोह का समापन बीटिंग रिट्रीट के साथ ही होता है। 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस समारोह की तरह यह कार्यक्रम भी देखने लायक होता है। इसके लिए राष्ट्रपति भवन, विजय चौक, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक बेहद सुंदर रोशनी के साथ सजाया जाता है।

क्यों और क्या होती है बीटिंग रिट्रीट?

‘बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी’ सेना की बैरक वापसी का प्रतीक है। दुनियाभर में बीटिंग रिट्रीट की परंपरा रही है। लड़ाई के दौरान सेनाएं सूर्यास्त होने पर हथियार रखकर अपने कैंप में जाती थीं, तब एक संगीतमय समारोह होता था, इसे बीटिंग रिट्रीट कहा जाता है। भारत में बीटिंग रिट्रीट की शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी। तब भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट ने इस सेरेमनी को सेनाओं के बैंड्स के डिस्प्ले के साथ पूरा किया था। समारोह में राष्ट्रपति बतौर चीफ गेस्ट शामिल होते हैं।

विजय चौक पर राष्ट्रपति के आते ही उन्हें नेशनल सैल्यूट दिया जाता है। इसी दौरान राष्ट्रगान जन गण मन होता है। तिरंगा फहराया जाता है। थल सेना, वायु सेना और नौसेना, तीनों के बैंड मिलकर पारंपरिक धुन के साथ मार्च करते हैं।

बैंड वादन के बाद रिट्रीट का बिगुल वादन होता है। इस दौरान बैंड मास्‍टर राष्‍ट्रपति के पास जाते हैं और बैंड वापस ले जाने की इजाजत मांगते हैं। इसका मतलब ये होता है कि 26 जनवरी का समारोह पूरा हो गया है और बैंड मार्च वापस जाते समय लोकप्रिय धुन “सारे जहां से अच्‍छा” बजाते हैं।

2019 का ऑक्सफोर्ड का हिंदी शब्द’ नामित हुआ ‘संविधान’

क्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस (OUP) ने ‘संविधान’ शब्द को 2019 का ऑक्सफोर्ड का हिंदी शब्द नामित किया है।OUP ने कहा कि इस शब्द ने वर्ष 2019 में व्यापक स्तर पर अपनी ओर ध्यान आकृष्ट किया। यह शब्द इसलिए चुना गया कि 2019 में लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को संविधान की कसौटी पर परखा गया।

साल का ऑक्सफोर्ड हिंदी शब्द एक ऐसा शब्द या अभिव्यक्ति है जिसने अपनी ओर काफी ध्यान आकृष्ट किया और जो बीते साल के लोकाचार, मिजाज़ या व्यस्तता को प्रदर्शित करता है।ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने कहा कि संविधान का अर्थ है, ‘मूलभूत सिद्धांतों की इकाई या स्थापित दृष्टांत जिनके मुताबिक एक देश या अन्य संगठन शासित होता है।

भारतीय संविधान के दो अहम संवैधानिक प्रावधानों, अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 (A) के निरस्त किए जाने के साथ संविधान शब्द ने अगस्त 2019 में पहली बार व्यापक स्तर पर अपनी ओर ध्यान आकृष्ट किया। इन प्रावधानों को रद्द किए जाने से जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा प्रभावी रूप से हट गया।

ऑक्सफोर्ड डिक्सनरी की टीम ने अपने फेसबुक पेज के जरिए ऑक्सफोर्ड हिंदी शब्द के लिए शब्द मांगे थे और उसे हजारों शब्द प्राप्त हुए। साल का ऑक्सफोर्ड हिंदी शब्द भारत में ऑक्सफोर्ड शब्दकोश टीम द्वारा भाषा विशेषज्ञों की एक सलाहकार समिति की मदद से चुना गया।

नौसेना की ताकत बढ़ाएगा रडार की पकड़ में नहीं आने वाला INS कवरत्ती

लकत्ता बेस्ड सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स नौसेना को आईएनएस कवरत्ती नामक पनडुब्बी रोधी स्टेल्थ युद्धपोत डिलीवर करेगी। आईएनएस कवरत्ती भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट P28 के तहत डिलीवर की जाने वाली चौथी व अंतिम पनडुब्बी है। पहली तीन पनडुब्बियों के नाम हैं : कमोर्ता, कद्मत्त तथा किल्टन (यह लक्षद्वीप समूह के द्वीपों के नाम हैं)। इन तीन पनडुब्बियों को 2014 से 2017 के बीच डिलीवर किया गया था। कवरत्ती युद्ध पोत के 90% पुर्ज़े स्वदेशी हैं।

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजिनियर्स (GRSE)

यह सार्वजनिक क्षेत्र का एक रक्षा उपक्रम है, भारत के अग्रणी सरकारी शिपबिल्डर्स में से एक है, यह पश्चिम बंगाल के कलकत्ता में स्थित है। यह वाणिज्यिक तथा नौसैनिक वेसल का निर्माण व मरम्मत करता है। अब यह निर्यात जहाजों का निर्माण भी कर रहा है।

इसकी स्थापना 1884 में हुगली नदी के किनारे एक छोटी निजी कंपनी के रूप में हुई थी। 1916 में इसका नाम बदलकर गार्डन रीच वर्कशॉप रखा गया था। वर्ष 1960 में सरकार द्वारा इसका राष्ट्रीयकरण किया गया।

GRSE एक “मिनीरत्न” है। यह 100 युद्धपोत निर्मित करने वाला पहला भारतीय शिपयार्ड है। यह वर्तमान में P17A प्रोजेक्ट के तहत भारतीय नौसेना के लिए 3 स्टेल्थ फ्रिजेट्स का निर्माण कर रहा है।

GRSE द्वारा निर्मित 100 युद्धपोतों में एडवांस्ड फ्रिजेट्स, एंटी-सबमरीन वॉरफेयरक कार्वेट से लेकर फ्लीट टैंकर तक शामिल है।

DefExpo India 2020

11वें DefExpo India – 2020 का आयोजन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किया जायेगा। इस द्विवार्षिक इवेंट का आयोजन लखनऊ में पहली बार 5 फरवरी, 2020 से किया जायेगा। इस प्रदर्शनी में भारतीय रक्षा उद्योग की क्षमता तथा निर्यात क्षमता का प्रदर्शन किया जायेगा। पिछली बार DefExpo का आयोजन 2018 में चेन्नई में किया गया था।

इस चार दिवसीय इवेंट में भारतीय रक्षा उद्योग को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा, इससे निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। DefExpo India – 2020 की थीम “भारत – रक्षा विनिर्माण का उभरता हुआ हब” होगी। इस प्रदर्शनी का फोकस रक्षा क्षेत्र का डिजिटल परिवर्तन होगा। इस प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश को रक्षा क्षेत्र में निवेश के लिए उपयुक्त स्थान के रूप में प्रस्तुत किया जायेगा। इस DefExpo के द्वारा विदेशी उपकरण निर्माताओं को भारतीय रक्षा उद्योग के साथ मिलकर कार्य करने का मौका मिलेगा, इससे मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा।

 

4 thoughts on "‘बीटिंग द  2020’ साथ गणतंत्र दिवस समारोह का समापन | 30 January 2020"

  • Sir Notes to timely hi dena chahiye aapko tabhi to students aapse……….

  • Sir feb ka current kyu nhi post ho rha hai

  • Ha sir new batch bad me start kriye phle Jo Jo bat es batch ko start krte time boli thi unhe pura kriye

  • Sir mjak Chal rahi h kya!! Sanjay sir politics chd ke IR pdha rahe h economy wale sir 2 din pdhane k baad off, Aap khud class le NHi rahe ho. Notes week ke end to chodie month k end me bhi NHi mil rahe h. Sare subject continue kijie sir ab to kewal 25% Bharosa raha h Aap pe. Ummid krta hu is pr khre utrenge Aap.

  • Write a Reply or Comment

    Your email address will not be published. Required fields are marked *


    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    View All News