खनिज संसाधन

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  • पेट्रोलियम पदार्थ टर्शियरी युग के अवसादी चट्टानों में पाया जाता है |आग्नेय चट्टानों के कंट-छंटकर समुद्रों में जमा होने से लाखों वर्षो बाद दुबारा जिस चट्टान का निर्माण होता है |उसे अवसादी अथवा परतदार चट्टान कहतें हैं |
  • प्रत्येक खनिजों का सम्बन्ध एक विशेष काल की चट्टानों से है जैसे –
कोयलागोंडवाना क्रम की चट्टान
सोनाधारवाड़ क्रम की चट्टान
चूना पत्थरकुडप्पा क्रम की चट्टान
बलुआ पत्थर या संगमरमरविंध्यन क्रम की चट्टानों
पेट्रोलियमटर्शियरी क्रम के अवसादी चट्टानों में
  • धरातल के भीतर विशेष प्रकार के सागरीय जीवों के दबाने तथा एक लम्बे समयकाल के पश्चात् अत्यधिक ताप और दाब के कारण इन जीवों की अस्थियाँ कीचड़ के रूप में परिवर्तित हो गयी जीवों के मृत शरीर के कीचड़ के रूप में परिवर्तित पदार्थ को ही पेट्रोलियम पदार्थों के रूप में प्राप्त किया जाता है | चूँकि जीवों के शरीर में ऊर्जा होती है| यह ऊर्जा लम्बे समय काल में ताप एवं दबाव के कारण पेट्रोलियम पदार्थ में परिवर्तित हो गयी |
  • पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बन यौगिकों का मिश्रण है | हाइड्रोकार्बन में 70 प्रतिशत तेल और 30 प्रतिशत गैस कीमात्रा होती है |
  • चट्टानों के नीचे जहाँ पेट्रोलियम पदार्थ पाये जाते हैं इन पेट्रोलियम पदार्थों के ठीक ऊपर तैरती हुई अवस्था में गैसें पायी जाती हैं|इसे प्राकृतिक गैस कहते हैं |
जब प्राकृतिक गैस कोबहुत अधिक दबाव डालकर द्रव के रूप में परिवर्तित कर दिया जाता है|इसे ही सी०एन०जी०(Compresed Netural Gas- CNG)या एल०एन०जी० (Liqufied Netural Gas- LNG)कहते हैं |
  • भारत में पेट्रोलियम उत्पादन में अपतटीय क्षेत्रों का योगदान लगभग 66 प्रतिशतहै | पेट्रोलियम ज्यादातर समुद्री क्षेत्रों में पाया जाता है |
  • उपर्युक्त तथ्यों के बाद प्रश्न उठता है कि जब पेट्रोलियम पदार्थ अपतटीय क्षेत्रों में ही पाया जाता है तो फिर वह गुजरात और असम के क्षेत्रों में पेट्रोलियम क्यों पाया जाता है? क्योंकि यहाँ समुद्र भी नहीं है |
  • अतीत काल में अनेक फेर बदल हुए हैं |एक ही भूखण्ड जो अतीत काल में समुद्र के नीचे रहा है, भूगर्भिक हलचल के परिणामस्वरूप आज वह समुद्र के ऊपर उठ गया है, जिसे हम महाद्वीप कहते हैं | असमनिश्चित रूप से कभी न कभी समुद्र के नीचे डूबा रहा होगा | इसी तरह गुजरात का क्षेत्र द्वारका कभी मुख्य भूमि के अन्तर्गत हुआ करता था किन्तु आज यह क्षेत्र समुद्र में डूबा हुआ है |
  • इस प्रकार कहा जा सकता है कि एक ही क्षेत्र जो अतीत काल में समुद्र में डूबा हुआ था, आज वह ऊपर उठ गया है और जो क्षेत्र ऊपर उठा हुआ था, आज वह समुद्र में डूब गया है जैसे – द्वारका |
  • असम और गुजरात का क्षेत्र निश्चित रूप से यह दर्शाता है कि ये क्षेत्र कभी समुद्र में डूबे रहे होंगे इसीलिए असम और गुजरात में पेट्रोलियम पदार्थ पाया जाता है | देश के आन्तरिक भागों में पेट्रोलियम पदार्थ नहीं पाया जाता है क्योंकि ये समुद्र से बहुत दूर स्थित है |
  • राजस्थान में मंगला, ऐश्वर्यम भाग्यम नामक क्षेत्रों में हाल ही में पेट्रोलियम पदार्थों की खोज हुई है|अतः इससे यह पता चलता है कि राजस्थान का क्षेत्र भी कभी समुद्र में डूबा हुआ था |
  • टेथिस सागर में नदियों द्वारा दीर्घ काल तक अवसादों का जमाव हुआ है | इन अवसादों के जमाव के कारण टेथिस सागर पाट दिया गया यही कारण है कि राजस्थान राज्य में भी पेट्रोलियम भण्डार पाया जाता है |
  • पिछले अध्यायों में बताया जा चुका है कि राजस्थान राज्य में स्थित खारे पानी की झील सम्भवत: टेथिस सागर का ही अवशेष है | इससे भी सिद्ध होता है कि कभी राजस्थान का क्षेत्र समुद्र में डूबा हुआ रहा होगा|
  • भारत में पेट्रोलियम उत्पादन में अपतटीय क्षेत्र का योगदान 66 प्रतिशत है|तट के चारों तरफ छिछले समुद्र को अपतटीय क्षेत्र कहतें हैं |
  • भारत ही नहीं बल्कि एशिया में पेट्रोलियम का सर्वप्रथम उत्पादन 1867ई०में असम के माकूम क्षेत्र में किया गया | माकूम में ही देश का पहला तेल कुआँ खोदा गया किन्तु यह अत्यन्त छोटे स्तर पर प्रयोग के तौर पर किया गया था|
  • भारत में व्यापक स्तर पर पेट्रोलियम उद्योग की भी शुरूआत 1889 ई० में असम के डिग्बोई क्षेत्र में किया गया | डिग्बोई के पेट्रोलियम उत्खनन से ही भारत में पेट्रोलियम की शुरुआत हुई |
  • आजादी के बाद देश में सम्भावित पेट्रोलियम भण्डारणका पता लगाने के लिए 1956 में तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग(Oil and Natural Gas Commission) की स्थापना हुई |
  • ONGC जब लगातार देश में सफलता प्राप्त करती गई तो इसने अपने उद्योग विदेशों में भी स्थापित किये|विदेशी कंपनीयों के साथ ONGC समझौते करके वहां तेलकुओं की खोज करने का कार्य कर रही है | ONGC वर्तमान में एक उन्नत तकनीकि वाली कंपनी है |
  • 1994 ई० में तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग(Oil and Natural Gas Comission)का नाम बदलकर तेल और प्राकृतिक गैस निगम(Oil and Natural Gas Corporation)कर दिया गया कर दिया गया |
  • 1959 ई० में देश के तेल भण्डारों का पता लगाने के लिए देश में एक अन्य संगठन ऑयल इंडिया लिमिटेड (Oil India Limited) की स्थापना हुई |
  • विदेशों में पेट्रोलियम भण्डारों का पता लगाने के लिए तेल और प्राकृतिक गैस निगम(Oil and Natural Gas Corporation-ONGC) की सहायक कम्पनी के रूप में ONGCविदेश लिमिटेड(Oil and Natural Gas Corporationvidesh limited) की स्थापना 1965 ई० में की गयी थी|
  • ONGC विदेश लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय निगम है | वर्त्तमान में यह 19 देशों के 38तेल परियोजनाओं में भागीदार के रूप में कार्य कर रही है |
देश में चार प्रमुख तेल क्षेत्र हैं – (i)     असम या ब्रह्मपुत्र घाटी तेल क्षेत्र (ii)    गुजरात तट तेल क्षेत्र (iii)   पश्चिमी अपतटीय तेल क्षेत्र (iv)   पूर्वी अपतटीय  तेल क्षेत्र असम या ब्रह्मपुत्र घाटी तेल क्षेत्र
  • यह देश का सबसे पुराना तेल क्षेत्र है |देश के पहले तेल कुएं की खुदाई1867 ई० में असम राज्य के अन्तर्गत माकूम में की गयी |
  • इसके बाद देश में दूसरे तेल कुएं की खुदाई1889 ई० में डिग्बोई (असम) में की गयी |
असम में प्रमुख तेल क्षेत्र निम्नलिखित है – (i)     डिग्बोई (1889) (ii)    नाहरकटिया (iii)   हुगरीजनमोरान (iv)   सूरमाघाटी गुजरात तट तेल क्षेत्र –गुजरात में खम्भात की खाड़ी के पूर्वी तट पर खम्भात नामकएक क़स्बा है |इस कस्बे के नाम पर ही इस खाड़ी को खम्भात की खाड़ीकहते हैं| गुजरात तट तेल क्षेत्रकेअन्तर्गत 5 प्रमुख तेल क्षेत्र हैं – (i)     खम्भात तेल क्षेत्र (ii)    अंकलेश्वर तेल क्षेत्र (iii)   कलोल तेल क्षेत्र (iv)   सानंद तेल क्षेत्र  (v)   लुनेज तेल क्षेत्र पश्चिमी अपतटीय तेल क्षेत्र– यह देश का सबसे बड़ा और सबसे सम्पन्न तेल क्षेत्र है| पश्चिमी अपतटीय तेल क्षेत्र के अन्तर्गत दो प्रमुख तेल क्षेत्र हैं – (i)     मुम्बई हाई तेल क्षेत्र (ii)    बसीन तेल क्षेत्र 
  • मुम्बई हाई तेल क्षेत्र की खोज 1976 ई० में की गयी थी |मुम्बई हाई तेल क्षेत्र अरब सागरीय अपतटीय क्षेत्र में स्थित है |यह मुम्बई से 176 किमी० की दूरी पर स्थित है |
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  • वर्तमान में मुम्बई हाई से देश में कुल तेल उत्पादन का 60 प्रतिशत तेल प्राप्त होता है | दूसरे शब्दों में मुम्बई हाई देश में कुल तेल उत्पादनका 60 प्रतिशत तेल उत्पादित करता है |
  • देश में सर्वाधिक तेल उत्पादित क्षेत्र पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र में मुम्बई हाई तेल क्षेत्र है |बसीन तेल क्षेत्र अरब सागर में मुम्बई हाई के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है |
पूर्वी अपतटीय  तेल क्षेत्र-पूर्वी अपतटीय  तेल क्षेत्र भारत में सबसे नया तेल उत्पादित क्षेत्र है |
  • गोदावरी कृष्णा नदी के डेल्टा के मुहाने पर बंगाल की खाड़ी के अपतटीय क्षेत्र में रावा अपतट तेल क्षेत्र की खोज हाल ही में की गयी है |

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Naveen Arya April 25, 2020, 12:58 am

Pdf Download option nhi hai