नकदी फसलें अथवा व्यापारिक फसलें

नकदी फसलें अथवा व्यापारिक फसलें Download

  • नगदी अथवा व्यापारिक फसलों के अंतर्गत्रबड़, कॉफी, चाय, कहवा, तम्बाकू जूट, कपास आदि को शामिल किया जाता है |

गन्ना

  • गन्ना ग्रेमिनी कुल का पौधा है | यह उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु का पौधा है | गन्ना सर्वाधिक सिंचिंत फसल है | गन्ने के बाद गेहूँ दूसरी सर्वाधिक सिंचित फसल है | गन्ने की फसल को तैयार होने में लगभग 1 वर्ष का समय लगता है |
  • विश्व में ब्राजीलगन्ना और चीनी के उत्पादन में प्रथम स्थान परहै तथा दूसरे स्थानपर भारत है |
गन्ना
गन्ना
  • चीनी के उपभोग में भारत का प्रथम स्थान है | देश में सर्वाधिक गन्ना और चीनी उत्पादकराज्य उत्तरप्रदेश है | हालाँकिसर्वाधिक चीनीमीलेंमहाराष्ट्रराज्य में स्थित है |
  • उत्तर प्रदेश भारत में कुल गन्ना उत्पादन का लगभग 45% गन्ना उत्पादन करता है | दक्षिण भारत की जलवायु आर्द्र होने के कारण दक्षिण भारत का गन्ना उत्तर भारत की अपेक्षा अधिक रसीला होता है |
  • गन्ने के रस में चीनी की मात्रा 10-12% होती है | विश्व में सार्वाधिक गन्ने की उत्पादकता अर्थात् सर्वाधिक प्रति हेक्टेयर उत्पादन मेंहवाई द्वीपका प्रथम स्थान है तथा दूसरा स्थान क्यूबा का है |
  • भारतीय चीनी तकनीकि अनुसंधान संस्थान कानपुर मेंस्थित है |
  • भारतीय गन्ना तकनीकि अनुसंधान संस्थान लखनऊ में स्थित है |
उचित और लाभकारी मूल्य –सरकार द्वारा गन्ने के सन्दर्भ में घोषित यह वह मूल्य है जो चीनी मीलों द्वारा गन्ना किसानों को चुकाना अनिवार्य होता है |
  • भारत सरकार द्वारा विभिन्न खाद्यान्न फसलों के सन्दर्भ में किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी किया जाता है |
  • गन्ने के सन्दर्भ में सरकार उचित और लाभकारी मूल्य जारी करती है |
  • वर्ष 2019-20 में गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 275 रूपये प्रति कुन्तल निर्धारित की गई है |
  • कपड़ा उद्योग के बाद चीनी उद्योग देश का दूसरा सबसे बड़ा कृषि आधारित उद्योग है |
  • ऐसी फसलें जो प्रकाश संश्लेषण के दौरान आक्जैलो एसीटेट बनाती हैं, उन्हें C4पोधे कहते हैं |गन्नाऔर मक्काकी फासले C4फसलों के अन्तर्गत आती हैं |

रबड़

  • रबड़ उष्णकटिबन्धीयप्रदेश का पौधा है | रबड़ का मूल स्थान अमेजन नदी की घाटी (ब्राजील) है |
  • विश्व में सबसे बड़ा ‘रबड़’ उत्पादक देश थाईलैण्ड है |
  • विश्व में पारा किस्म का रबड़ सर्वोत्तमकिस्म का रबड़ माना जाता है |
  • रबड़ केवृक्ष से निकलने वाले दूध से ही रबड़ बनाया जाता है |
रबड़
रबड़
रबड़ उत्पादन के लिए अनुकूल परिस्थितियां (i)     तापमान उच्च होना चाहिए और धूप होनी चाहिए | (ii)    वर्षा 200 सेमी० से अधिक होनी चाहिए (iii)   लैटेराइट या लाल मिट्टी होनी चाहिए
  • भारत में रबड़ उत्पादन के अनुकूल परिस्थितियां दक्षिण भारत के राज्यों में पायी जाती हैं |
  • भारत में केरल रबड़ उत्पादन का सबसे बड़ा राज्य है | भारत में प्रति हेक्टेयर रबड़ उत्पादन विश्व में सर्वाधिक है किन्तु भारत का रबड़ उत्पादन में विश्व में चौथा स्थान है |

कपास

  • कपास माल्वेसी कुल का पौधा है |
  • विश्व में कपास की खेती के अन्तर्गत् सर्वाधिक क्षेत्रफल भारत में है किन्तु कपास के उत्पादन में चीन प्रथम स्थान पर है | चीन के बाद भारत कपास उत्पादन में दूसरे स्थान पर है |
  • भारत में कपास की खेती काली मिट्टी/लावा मिट्टी/रेगुर मिट्टी के क्षेत्र में की जाती है |
  • भारत में कपास की कृषि क्रमश: गुजरात, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में सर्वाधिक होती है |
कपास
कपास
  • पंजाब काली मिट्टी का क्षेत्र नहीं है, इसके बावजूद संसाधनों के उचित उपयोग के कारण पंजाब में भी कपास की खेती की जाती है |
  • कपास उत्पादन में गुजरात भारत में प्रथम स्थान पर है |
  • गुजरात देश के कुल कपास उत्पादन का लगभग 34%उत्पादन करता है |
  • गुजरात के बाद दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक राज्य महाराष्ट्र है |
  • कपास के रेशे की लम्बाई सामान्यत: 5 – 5 सेमी० तक होती है, लेकिन सर्वोत्तम किस्म के कपास के रेशे की लम्बाई लगभग 5 सेमी० से ज्यादा का होता है |
  • भारत का सबसे बड़ा संगठित उद्योग कपड़ा उद्योग है |

Leave a Message

Registration isn't required.


By commenting you accept the Privacy Policy

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Usernicename
Kumar vivekanand May 11, 2020, 8:07 pm

सर क्या इसी तरह के नोटस इतिहास और अर्थशास्त्र का उपलब्ध हो सकता है। आप अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें। धन्यवाद 🙏🙏