एशिया की नदियाँ

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एशिया की नदियाँ
एशिया की नदियाँ
  • एशिया महाद्वीप पर ज्यादातर नदियाँ उत्तरी तथा पूर्वी क्षेत्रों में अवस्थित हैं | पश्चिम एशियाई देश जैसे- इरान, सउदी अरब आदि शुष्क प्रदेश हैं|यहाँ वर्षा नहीं होती है | वर्षा के आभाव के कारण यहाँ नदियाँ भी नहीं पायी जाती हैं |
  • इराक की राजधानी बगदाद,टिगरिस नदी के किनारे स्थित है | रूस क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा देश हैं | रूस में उत्तर से दक्षिण तक यूराल पर्वत का विस्तार है|यूराल पर्वत के पश्चिम में यूरोप महाद्वीप तथा यूराल पर्वत के पूर्व मेंएशिया महाद्वीप स्थित है |
  • यूराल पर्वत के पूर्व में रूस के क्षेत्र को साइबेरिया कहते हैं | साइबेरिया क्षेत्र में यूरोप की तीन नदियां ओब, येनेसी और लीना प्रवाहित होती हैं|ये तीनों नदियां उत्तर की ओर प्रवाहित होते हुए आर्कटिक महासागर में अपना जल गिराती हैं|
  • साइबेरिया में स्थित बर्खोयांस्क, दुनिया का सबसे ठण्डा स्थल है|इसे पृथ्वी का शीतध्रुव भी कहते हैं |
  • आमोर नदी, मंगोलिया से निकलकर रूस और चीन की सीमा बनाती है |
  • भारत के उत्तर में हिमालय पर्वत का विस्तार है|हिमालय के उत्तर में चीन में दुनिया का सबसे ऊंचा और विशाल पठार,तिब्बत का पठार स्थित है|तिब्बत के पठार से चार नदियाँ –ह्वांगहो, यांग्सी, मीकांगऔर सालवीन प्रवाहित होती हैं |
  • ह्वांगहो और यांग्सी नदियां, तिब्बत के पठार से निकलकर चीन के पूर्व में स्थित पीला सागर में अपना जल गिराती हैं|ह्वांगहो और यांग्सी नदियाँ पूरी तरह से चीन की नदियाँ हैं |
  • ह्वांगहो नदी तिब्बत के पठार से निकलकर बोहाई की खाड़ी में अपना जल गिराती है | ह्वांगहो नदी को पीली नदी भी कहते है क्योंकि यह चीन में लोयस के मैदान से निकलती है |
  • दक्षिण पूर्वी एशिया के देश में 6 देश शामिल हैं, जो निम्नलिखित हैं – म्यांमार, थाईलैंड, लाओस, कम्बोडिया, वियतनाम और सिंगापुर |
  • लोयस के मैदान में पीली मिट्टी पायी जाती है, जिससे ह्वांगहो नदी का जल पीले रंग का दिखाई देता है |यही कारण है कि इसे पीली नदी भी कहा जाता है|
  • ह्वांगहो नदी के दक्षिण में यांग्सी नदी प्रवाहित होती है | यांग्सी नदी तिब्बत के पठार से निकलकर पीला सागर में अपना जल गिराती है |
  • चूँकि ह्वांगहो नदी का जल पीला होता है |अत: ह्वांगहो नदी जिस सागर में अपना जल गिराती वह सागर भी पीले रंग का दिखाई देता है,इसलिए इसे पिला सागर कहते हैं |
  • पीला सागर में यांग्सी नदी का मुहाना स्थित है | बोहाई की खाड़ी पीला सागर का ही भाग है | यांग्सी नदी एशिया महाद्वीप की सबसे बड़ी नदी है |
  • मीकांग और सालवीन नदियाँ तिब्बत पठार से निकलकर दक्षिण पूर्वी एशिया में प्रवेश कर जाती है |
  • मीकांग नदी तिब्बत के पठार से निकलती है और दक्षिण पूर्वी एशिया के 5 देशों म्यांमार, थाईलैंड, लाओस, कम्बोडिया और वियतनाम से होकर प्रवाहित होती है | मिकांग नदी चीन के बाद इन पांच देशों से होकर प्रवाहित होती है |
  • मिकांग नदी दक्षिण-पूर्वी एशिया की सबसे लम्बी नदी है |मिकांग नदी को दक्षिण-पूर्वी एशिया की गंगा भी कहा जाता है | मीकांग नदी दक्षिण चीन सागर में अपना जल गिराती है |
  • मिकांग नदी के पश्चिम में सालवीन नदी प्रवाहित होती है|सालवीन नदी, तिब्बत के पठार से निकलकर चीन और म्यांमार में प्रवाहित होते हुए मर्तबान की खाड़ी में अपना जल गिराती है |
  • मर्तबान की खाड़ी में दो नदियाँ अपना जल गिराती हैं-
(i)     सालवीन नदी (ii)    इरावदी नदी  
  • इरावदी नदी अराकानयोमा पर्वत से निकलकर म्यांमार में प्रवाहित होते हुए मर्तबान की खाड़ी में अपना जल गिराती है | इरावदी नदी पूरी तरह से म्यांमार की नदी है |
  • इरावदी नदी म्यांमार में प्रवाहित होती है| यह म्यांमार की महत्वपूर्ण नदी है इसलिए इसे म्यांमार की जीवन रेखा भी कहा जाता है |
  • इरावदी नदी के मुहाने पर म्यांमार का महत्वपूर्ण शहर यांगून स्थित है |
  • तिब्बत के पठार पर हिमालय के उत्तर में चेमायुंगडुंग ग्लेशियर स्थित है |गर्मी के मौसम में जब इस ग्लेशियर का जल पिघलता है तब, आस-पास के क्षेत्रों में झील का निर्माण हो जाता है | इस झील को मानसरोवर झील कहते हैं|
  • मानसरोवर झील से तीन नदियाँसिंधु नदी, सतलज नदी और ब्रह्मपुत्र नदी निकलती है | इन नदियों में से सिंधु नदी और सतलज नदी पश्चिम की दिशा में तथा ब्रह्मपुत्र नदी पूर्व की दिशा में प्रवाहित होती है |
  • पश्चिम में प्रवाहित होने वाली दोनों नदियों में उत्तर की नदी को सिंधु नदी तथा सिंधु नदी के दक्षिण में सतलज नदी प्रवाहित होती है |
  • सिंधु नदी,चेमायुंगडुंगग्लेशियर से निकलकर भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य से प्रवाहित होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश कर जाती है | सिंधु नदी के मुहाने पर पाकिस्तान का महत्वपूर्ण शहर कराची स्थित है |
  • सतलज नदी,मानसरोवर झील के पश्चिम से निकलकर भारत के हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करती है | इसके बाद भारत के पंजाब राज्य में भी प्रवाहित होती है | सतलज नदी भारत में हिमाचल प्रदेश और पंजाब में प्रवाहित होते हुए पाकिस्तान में सिंधु नदी से मिल जाती है |
  • ब्रह्मपुत्र नदी मानसरोवर झील के पूर्व से निकलकर हिमालय के साथ-साथ पूर्व दिशा में प्रवाहित होती है | ब्रह्मपुत्र नदी अरूणाचल प्रदेश में नामचाबरवा पर्वतचोटी के पास से दक्षिण में मुड़कर अरूणाचल प्रदेश में प्रवेश करती हैं और अरूणाचल प्रदेश के बाद असम राज्यमें प्रवाहित होती है |
  • ब्रह्मपुत्र नदी तीन देशों चीन, भारत औरबांग्लादेश में प्रवाहित होती है | सतलज तथा सिंधु नदियाँ भी तीन देश चीन, भारतऔर पाकिस्तान में प्रवाहित होती हैं |
  • ब्रह्मपुत्र नदी को तिब्बत में सांग्पोनदी कहते हैं | सांग्पो नदी जब नामचाबरवा पर्वत चोटी केअरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है तब इसे अरुणाचल प्रदेश में दिहंग के नाम से जाना जाता है | दिहंग नदी जब और आगे बांग्लादेश में प्रवेश करती है तब इसे जमुना के नाम से पुकारा जाता है |
  • गंगा नदी गंगोत्री हिमानी से निकलकर भारत में प्रवाहित होते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है | बांग्लादेश में गंगा और जमुना की संयुक्त धारा को पद्मा के नाम से जानते हैं |
  • पद्मा नदी प्रवाहित होते हुए आगे चलकर मेघना नदी से मिल जाती है | मेघना नदी, मणिपुर के पहाड़ियों से निकलती है | मेघना और पद्मा नदी की संयुक्त धारा को मेघना ही कहते हैं |
  • बंगाल की खाड़ी में गिरते समय गंगा नदी,मेघना के नाम से जानी जाती है |
  • भारत में माही नदी, राजस्थान राज्य में कर्क रेखा को दो बार काटती है और खम्भात की खाड़ी में अपना जल गिराती है |
  • महावेली गंगा नदी श्रीलंका में प्रवाहित होती है |
 

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